MS-DOS COMMAND क्या है ? ms dos का इतिहास (history of ms dos )MS DOS क्या है ? MS DOS को कैसे समझे ? DISK OPERATING SYSTEM की सुरुवात कैसे करे , DISK OPERATING SYSTEM कैसे सीखे ("cpct" हिंदी में ) DCA, PGDCA NOTES हिंदी में, internal and etrernal command in hindi , difrence beetween internal and external dos command

MS DOS IN HINDI , MS DOS क्या है ? MS DOS को कैसे समझे ? 

RBN command क्या है ? , dos के पांच गणितीय कमांड को सैंटेस्ट सहित समझाइये। , कमांड का क्या उपयोग है ? , 10 आतंरिक कमांड है। , कमांड कितने प्रकार की होती है ?, 5 इंटरनल कमांड 

DISK OPERATING SYSTEM क्या है ? समझाइये। . DISK OPERATING SYSTEM की सुरुवात  कैसे करे , DISK OPERATING SYSTEM कैसे सीखे 



MS-COMMAND (कमांड ) :-

ऑपरेटिंग सिस्टम यह मुख्य कण्ट्रोल प्रोग्राम है , जो कंप्यूटर हार्डवेयर को दिशा निर्देशित करता है ! यह कंप्यूटर के विभिन्न हिस्सों को जाने वाले सिग्नल को निर्देशित करता है ! कम्प्यूटर सुरु होते ही सबसे पहले यह प्रोग्राम लोड होता है ! MS- DOS , OS/2 WINDOWS यह PC कंप्यूटर पर सबसे अधिक प्रयोग होते हुई ऑपरेटिंग सिस्टम है | तथा machantos प्रकार के कंप्यूटर पर उसे फाइंडर तथा multi finder ऑपरेटिंग सिस्टम प्रयोग होते है ! dos operating सिस्टम कंप्यूटर के हार्डवेयर को नियत्रित करती है ! dos एक विशेष प्रकार  सॉफ्टवेयर है , जो कंप्यूटर सिस्टम कंप्यूटर को यह बताता है की जब उस पर विभिन्न कमांड टाइप करते है , तब उसे क्या करना चाहिए !


जैसे हम कंप्यूटर चालू करते है तब कंप्यूटर यह जांच करता है , की आंतरिक संसाधन (प्रिंटर , मॉनिटर , मेमोरी ,रैम , रोम , विभिन्न यन्त्र ठीक   काम कर  रहे अथवा नहीं , यह जांच पूरी  होने के बाद ऑपरेटिंग सिस्टम लोड किया जाता है ,

ऑपरेटिंग सिस्टम से निम्नलिखित कार्य कर सकते है।

1. यह प्रोसेसर को विभिन्न कार्य करने के लिए निर्देशित करता है।
2.  डाटा, एप्लीकेशन, प्रोग्राम , सिस्टम प्रोग्राम को मुख्य मेमोरी तथा स्टोरेज डिवाइस में किस जगह पर सग्रहित करना है यह बताता है।
3. विभिन्न इनपुट , आउटपुट डिवाइस का व्यवस्थापण तथा उन्हें निर्देशित करता है।
4. बनाये गए फाइल को व्यवस्थित तरीके से रखना का काम तथा उनसे सम्बंधित कार्य जैसे फाइल को कॉपी करना ,नाम बदलना , आदि काम ऑपरेटिंग सिस्टम करता है।
5 प्राथमिकता के आधार पर कार्य को पूर्ण करता है।
6. आदेश तथा निर्देश को सयोजन करता है।
7.  विभिन्न प्रोग्राम में बनाई गई फाइल एक दूसरे को प्रभावित न करे , यह भी सुनिश्चित करता है।
8.  डाटा की सुरक्षा  तथा व्यवस्स्थापन करता है।
dos के कार्य
1.  नई फाइल बनने के लिए।
2.  अनावश्यक फाइल को हटाना।
3.  नई फाइल को नाम देने के लिए।
4.  डिस्क में संचारित फाइल लिस्ट दर्शना।
5. कीबोर्ड पर सुचना प्राप्त कर मॉनिटर पर दर्शाना।
6. डिस्क में संचित की लिस्ट दिखाना।
7.  डिस्क में संचय capacity को बढ़ाना।
8.  नई फ्लॉपी डिस्क को फॉर्मेट करना।
9.  एक डिस्क से दूसरे डिस्क पर फाइल को कॉपी करना।
10.  c.p.u  और मेमोरी का सञ्चालन करना।
11.  किसी program को कितनी मेमोरी चाहिए यह निर्धारित कर उसे देना।
12. प्रिंटर को सञ्चालन में नियत्रित करना।
13.  वायरस की खोज क्र उसे नस्ट करना।


dos के संस्करण

पुराने कंप्यूटर में डाटा के लिए डिस्क का प्रयोग नहीं होता था।  डाटा सग्रहण के लिए punch card , magnetic tap आदि का प्रयोग होता था।  पुराने समय में डिस्क (hard डिस्क , प्लॉपी डिस्क ) का मैनेज करने के लिए
software नही बना था।  1979 में dos (disk operating  system ) बनाया गया है , यह ऑपरेटिंग सिस्टम एक फ्लॉपी डिस्क में आ जाता था।  विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम आने के पहले dos  personal कंप्यूटर सबसे अधिक प्रयोग होने लगा था।  इस ऑपरेटिंग सिस्टम के कारण कंप्यूटर का प्रयोग सामान्य कामो में होने लगा था।  इस ऑपरेटिंग सिस्टम को माइक्रोसॉफ्ट कम्पनी ने बनाया था।  यह उस समय की सबसे आसान ऑपरेटिंग सिस्टम था।  DOS ऑपरेटिंग सिस्टम  IBM  प्रकार के कंप्यूटर के लिए बनाई गई थी।
इसका पूरा नाम MS DOS  (MICRO-SOFT DISK OPERATING SYSTEM ) है।
अभी तक DOS के निम्न संस्करण आये है ,
DOS  1.0                        DOS  4.0                           DOS 6.22
DOS  1.1                        DOS  4.01                         MS-DOS(यह विंडोज 7, 8 ,10 ओपेरेटिंग सिस्टम के
DOS  1.25                      DOS  5.0                                             के साथ उपलभ्द है )
DOS  2.0                        DOS  5.0A
DOS  2.1                        DOS  5.0
DOS  3.0                        DOS   6.0
DOS  3.1                        DOS   6.1
DOS  3.2                        DOS    6.2
DOS  3.3                        DOS    6.21






इसके अंतर्गत तीन प्रकार की कमांड होती है। 
1. internal command 
2.  external command 
3. utility command 


1.  internal command :-

वे कमांड जो कंप्यूटर में पहले से उपस्थित होती है  या command.com में पहले से मौज़ूद होती है internal कमांड कहलाती है।  जोकि निम्नलिखित है। 
1. cd..            12)  md        23) dir/al           34) dir/od
2. cd/             13)  cd         24)  dir/ai          35) dir/og
3. cls             14)  rd          25) dir/b            36) dir/q
4. date           15)  dir         26) dir/c            37) dir/r
5. time          16) dir/aa      27) dir/d            38) dir/s
6. vol            17) dir/ad      28) dir/L           39) dir/t         
7. ver            18) dir/p        29) dir/n           40) dir/tc
8. copy con        19) dir/w        30) dir/o          41) dir/ta
9. type          20) dir/ar        31) dir/on        42) dir/tw
10. ren          21) dir/ah       32) dir/os         43) dir/x
11. del          22) dir/as        33) dir/oe        44) dir/4

1.

cd..

12)

md

23)

dir/al

34)

dir/od


2.

cd/

13)

cd

 

24)

dir/ai

 

35)

dir/og

3.

cls

14)

rd

25)

dir/b

36)

dir/q

4.

date

15)

dir

26)

dir/c

37)

dir/r

5.

time

16)

dir/aa

27)

dir/d

38)

dir/s

6.

vol

17)

dir/ad

28)

dir/L

39)

dir/t   

7.

ver

18)

dir/p

29)

dir/n

40)

dir/tc

8.

copy con

19)

dir/w

30)

dir/o

41)

dir/ta

9.

type

20)

dir/ar

31)

dir/on

42)

dir/tw

10.

ren

21)

dir/ah

32)

dir/os

43)

dir/x

11.

del

22)

dir/as

33)

dir/oe

44)

dir/4


 ms dos open करने के लिए 
start → all program → accessories  → command prompt 

या windows  key + R = cmd 

1. cd.. :- इस कमांड का use  directory या folder  से step by step  बाहर आने के लिए किया जाता है। 

syntax :-    c:\> user\123>cd..←
                  c:\> user>cd..←
                  c:\>-
dos command ,disk operating system in hindi

इस तरह use किया जाता है। 


2.  cd/ :-   इस कमांड का use  directory या folder  से डायरेक्ट बाहर आने के लिए किया जाता है। 

syntax :-    c:\> user\123>cd/←
                  c:\>-
ms dos command , internal and external command


3. cls :- इस कमांड का use screen को साफ़ करने के लिए किया जाता है। 

syntax :-    c:\> user\123>cls ←
cpct ms dos command , internal and external

4. date  :- इस कमांड का useकमांड का use date set करने के लिए किया जाता है। 

syntax :-    c:\> date ←

note :- यदि कमांड सही नहीं चलती है तो आप command prompt को right click कर run as administrator  कर open करे। 

5. time :- इस  कमांड का use कमांड का use time set करने के लिए किया जाता है। 

syntax :-  c:\> time ←
note :- यदि कमांड सही नहीं चलती है तो आप command prompt को right click कर run as administrator  कर open करे। 

6. vol :-इस  कमांड का use volume label check करने के लिए किया जाता है। 

volume label :- वह होता है जो कंप्यूटर की ड्राइव पर दिखाया जाता है। 

जैसे ड्राइव का नाम local disk c , local disk D  जब आप drive पर right click rename कर बदला जाता है। 
syntax :-   c:\> vol  ←
cpct comand internal and external command


7. Ver:-   इस कमांड का use कंप्यूटर में उपस्थित ऑपरेटिंग सिस्टम का  version check करने के लिए किया जाता है। 

syntax :-   c:\> ver   ←
cpct comand internal and external command

8. copy con :- इस command का use new file बनाने के लिए किया जाता है।  

syntax :-  c:\> copy con (file name )←

example :- c:\> copy con srm ←
                   it is a computer (ctrl +z  या f6 ) ←
cpct comand internal and external command

आपकी फाइल बन जाएगी यदि किसी कारण वस आपकी फाइल नही बनती है तो अर्थात 
                           enter  करने के बाद 1 file copy लिखा हुआ आया तो आपकी फाइल बन चुकी है यदि 
                                         0 file copied लिखा आया तो आपकी फाइल नहीं बनी है। इस समस्या के लिए आपको अपना ड्राइव लेटर चेंज। 

 example :- c:\> D :   ←
                   D:\> -
आप इस प्रांप्ट में आपका कार्य कर सकते है। 


9. type :- इस command  का  हुई फाइल के matter  check करने के लिए किया जाता है। 


syntax :-   c:\> type  (file name )←

example :- c:\> type srm ←
                   it is a computer
cpct comand internal and external command

            

10. ren (rename ) :- इस command  का use  बनी हुई फाइल का नाम बदलने के लिए किया जाता है। 



syntax :-   c:\> ren (1st file name  2nd file name )←

example :-  c:\> ren srm srm1 ←
cpct comand internal and external command



                           अर्थात srm file  का नाम बदलकर srm1 हो जायेगा। 

  11. del :- इस command  का use  किसी फाइल को delete करने के लिए किया जाता है। 



syntax :-   c:\> Del srm1 ←
cpct comand internal and external command


12.  md (make directory ):-  इस command  का use डायरेक्टरी या फोल्डर बनाने के लिए किया जाता है। 


syntax :-   c:\> md (directory name ) ←

example :- c:\> md srm  ←
cpct comand internal and external command


13. cd (change directory ) :- इस कमांड का use डायरेक्टरी के अंदर प्रवेश करने   लिए किया जाता है। 


syntax :-   c:\> cd (directory name ) ←


example :- c:\> cd srm  ←
                  c:\srm >-
cpct comand internal and external command

14. rd (remove directory) :-  इस कमांड का use डायरेक्टरी को हटाने के लिए use किया जाता है। 

syntax :-   c:\> r d (directory name ) ←


example :- c:\> rd srm  ←
cpct comand internal and external command


15. dir :- इस कमांड का use फाइल और डायरेक्टरी की लिस्ट देखने के लिए किया जाता है। 

syntax :-   c:\> dir ←
cpct comand internal and external command


16. dir/aa :- इस कमांड का use सिर्फ फाइल की लिस्ट देखने के लिए किया जाता है !

syntax :-   c:\>dir/aa← 

cpct comand internal and external command


17) dir/ad :- इस कमांड का use सिर्फ फाइल की लिस्ट देखने के लिए किया जाता है | 

syntax :-   c:\>dir/ad← 
cpct comand internal and external command

18) dir/p :-इस कमांड का use page wise  देखने के लिए किया जाता है |

syntax :-   c:\>dir/p←
cpct comand internal and external command

19) dir/w :- इस कमांड का use width wise  देखने के लिए किया जाता है |

syntax :-   c:\>dir/w←
cpct comand internal and external command

20)dir/ar :- इस कमांड का use read only file की लिस्ट देखने के लिए किया जाता है !

syntax :-   c:\>dir/ar←
cpct comand internal and external command

21) dir/ah :- इस कमांड का use hidden file की लिस्ट देखने के लिए किया जाता है !

syntax :-   c:\>dir/ah←
cpct comand internal and external command

22) dir/as :- 

इस कमांड का use system file की लिस्ट देखने के लिए किया जाता है। 

ms dos internal or external command



23) dir /al :- इस command का उस reparse point की लिस्ट देखने के लिए किया जाता है। 

ms dos internal and external command




24 ) dir/ai  :- इस command का उस not content idexed files की लिस्ट देखने के लिए किया जाता है।


ms dos internal and external command

dir/b :- इस कमांड के माध्यम से जिस ड्राइव या फोल्डर से आप कमांड इस्तेमाल करते है उसमे उपस्थित सभी फोल्डर , आइकॉन , तथा फाइल के नाम दिखाई देंगे। 


ms dos internal and external command

dir/c :- इस कमांड के माध्यम से आप ड्राइव में उपस्थित directriry की लिस्ट देखने के लिए कर सकते है। 



dir/d :- यह command dir/w (wide )की तरह ही कार्य करती है परन्तु list को short कर coloum में दर्शाती है। 

dir/L :- इसके माध्यम से फाइल और डायरेक्टरी की लिस्ट lower case में देख सकते है। 








1.  external command :- वे कमांड जो कंप्यूटर में पहले से उपस्थित नहीं होती है  या command.com में पहले से मौज़ूद नहीं होती है external  कमांड कहलाती है। 

1.   tree                  12) diskcomp          23) move
2.   tree/f                13) xcopy                24) sort
3.   chkdsk             14) doskey              25) deltree            
4.   chkdsk/r          15) append              26) 
5.   attrib (+,-)R     16) backup
6.   attrib (+,-)H     17) help
7.   attrib (+,-)S      18) print
8.   color                 19) edit
9.   mode                 20) sys
10. label                  21) diskcopy          
11. format                22) move

1) tree :- इस कमांड का use computer system में उपस्थित  डायरेक्टरी के साथ-साथ sub -डायरेक्टरी की लिस्ट ट tree के रूप में देखने के लिए किया जाता है। 

syntax :-   c:\>tree direcorty name ←

इसके लिए आपको किसी डायरेक्टरी और फोल्डर के अंदर फोल्डर का निर्माण करना होगा।  
example :-c:\>tree srm ← 
cpct comand internal and external command


cpct comand internal and external command

cpct comand internal and external command

2. Tree/f:- इस कमांड का use computer system में उपस्थित  डायरेक्टरी के साथ-साथ sub -डायरेक्टरी तथा file की लिस्ट  tree के रूप में देखने के लिए किया जाता है।

syntax :-   c:\>tree direcorty name ←
example :-c:\>tree/f srm ←
cpct comand internal and external command

3. chkdsk :-इस कमांड का use computer system में उपस्थित  डायरेक्टरी के साथ-साथ sub -डायरेक्टरी तथा file की को व्यवस्थित रूप से रखने के लिए किया जाता है ।

syntax :-   c:\>chkdsk ←
example :-c:\>chkdsk ←
cpct comand internal and external command

4.   chkdsk/R :-इस कमांड का use  operating system  को  repair करने के लिए किया जाता है।  

syntax :-   c:\>chkdsk/r←
example :-c:\>chkdsk/r←

5.attrib+r :- इस कमांड का use फाइल को read only बनाने के लिए किया जाता है। 

syntax :-   c:\>attrib +R (file name)←
example :- c:\>attrib +R srm ←
 अर्थात इस कमांड के use करने के पश्चात् बनी हुई file को सिर्फ user पढ़ सकते है, इसमें किसी भी प्रकार data में परिवर्तन नहीं कर सकते। 
note :- read only file की list देखने के लिए (dir/ar) का use करे। 

6 .attrib -r :- इस कमांड का use फाइल को read onlyसे हटाने   के लिए किया जाता है। 


syntax :-   c:\>attrib -R (file name)←

example :- c:\>attrib -R srm ←

7. attrib +h :- इस कमांड का use फाइल को छुपाने (hidden) बनाने के लिए किया जाता है। 

syntax :-   c:\>attrib +H  (file name)←

example :- c:\>attrib +H srm ←


8. attrib -h :- इस कमांड का use छुपी हुई file को वापस normal बनाने  के लिए किया जाता है। 

syntax :-   c:\>attrib +H  (file name)←

example :- c:\>attrib +H srm ←

9. attrib +S :- इस कमांड का use फाइल को system file में बदलने  के लिए किया जाता है। 

syntax :-   c:\>attrib +S (file name)←
example :- c:\>attrib +S srm ←

10.  attrib -S :- इस कमांड का use फाइल को system file से normal file  में बदलने  के लिए किया जाता है। 

syntax :-   c:\>attrib -S (file name)←
example :- c:\>attrib -S srm ←

11. color :-  इस कमांड का use dos की screen का color बदलने के लिए किया जाता है। 

आप निम्न color code की सहायता से अपने ms-screen का कलर बदलने में सहायता होगी। 
cpct comand internal and external command

syntax :-   c:\>color 07  ←

12.mode  :- इस command  का use screen का size छोटा बड़ा करने के लिए किया जाता है। 


syntax :-   c:\>mode 1048←

13. Label :-  इस कमांड का use drive label बदलने के लिए ओर देखने के लिए किया जाता हैं। 

15:- इस कमांड का useडिस्क, drive को फ़ॉर्मैट करने के लिये किया जाता हैं। 


format :- इस कमांड का use drive ,pen drive , disk को format करने के लिए किया जाता है।  





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